महंगाई भत्ता क्या है और कैसे तय होता है?
महंगाई भत्ता वह राशि है जो बढ़ती कीमतों का असर कम करने के लिए मूल वेतन के प्रतिशत के रूप में दी जाती है। पेंशनभोगियों के लिए इसे महंगाई राहत कहा जाता है और दर दोनों के लिए एक समान रहती है। दर हर छह महीने में बदलती है और इसका आधार औद्योगिक श्रमिकों का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक होता है।
सूचकांक से दर तक
श्रम ब्यूरो हर महीने AICPI-IW जारी करता है। पिछले बारह महीनों का औसत लेकर आधार वर्ष 2016=100 के अनुसार सूत्र लगाया जाता है, और परिणाम को पूर्णांक प्रतिशत पर लाया जाता है। इसी कारण दो-दो या तीन-तीन प्रतिशत की छलांग दिखती है।
किस राशि पर DA मिलता है
DA केवल पे मैट्रिक्स के मूल वेतन पर मिलता है। HRA, परिवहन भत्ता या अन्य भत्ते इसमें नहीं जोड़े जाते। हालाँकि परिवहन भत्ते पर अलग से उस समय का DA जुड़ता है।
DA का HRA पर असर
DA जब 25% पार करता है तो HRA 24/16/8 से बढ़कर 27/18/9 प्रतिशत हो जाता है, और 50% पार करने पर 30/20/10 प्रतिशत। इसलिए DA बढ़ने का लाभ दोहरा होता है।
वेतन आयोग बदलने पर
नया वेतन आयोग लागू होते ही उस समय का पूरा DA मूल वेतन में जोड़ दिया जाता है और गिनती शून्य से शुरू होती है। 1 जनवरी 2026 को DA 60% है, इसलिए विलय आधार मूल वेतन का 1.60 गुना बनेगा।