वेतन बकाया की गणना कैसे करें?
एरियर की गणना का आधार बहुत सीधा है — हर महीने का नया वेतन निकालिए, उसी महीने का पुराना वेतन घटाइए और अंतर को महीनों से गुणा कर दीजिए। जटिलता तब आती है जब बीच में DA की नई किस्त जुड़ती है, पदोन्नति होती है या वार्षिक वेतनवृद्धि लगती है, क्योंकि तब हर महीने का अंतर बदल जाता है। नीचे दिए चरण दोनों तरह की स्थिति संभालने में मदद करते हैं।
चरण 1 — दो तारीखें तय करें
पहली तारीख वह है जिससे संशोधन लागू होगा (संभावित रूप से 1 जनवरी 2026) और दूसरी वह जिस महीने से आपको संशोधित वेतन नकद मिलना शुरू होगा। इन दोनों के बीच के महीनों की संख्या ही बकाया अवधि है।
चरण 2 — पुराना वेतन जोड़ें
हर महीने के लिए मूल वेतन, उस महीने लागू DA, HRA और परिवहन भत्ता जोड़ें। ध्यान रखें कि जुलाई और जनवरी में DA की नई किस्त लागू हो सकती है, इसलिए अलग-अलग अवधि के लिए अलग गणना करें।
चरण 3 — नया वेतन जोड़ें
संशोधित मूल वेतन पर नए HRA प्रतिशत और परिवहन भत्ते को जोड़ें। नए वेतनमान की शुरुआत में DA शून्य रहता है, इसलिए बकाया अवधि के शुरुआती महीनों में DA जुड़ता नहीं है।
चरण 4 — कटौतियाँ घटाएँ
बकाया राशि से NPS का 10% अंशदान काटा जाता है और शेष राशि उस वित्त वर्ष की आय में जुड़ती है। बड़ी राशि होने पर धारा 89(1) के तहत फॉर्म 10E भरकर कर का बोझ कई वर्षों में बाँटा जा सकता है।