8वें वेतन आयोग में पेंशन की गणना कैसे होगी?
पेंशन संशोधन का तरीका वेतन संशोधन जैसा ही है। जो फिटमेंट फैक्टर कार्यरत कर्मचारियों के मूल वेतन पर लगेगा, वही मौजूदा मूल पेंशन पर भी लागू होने की अपेक्षा है। इसके बाद महंगाई राहत शून्य से दोबारा शुरू होती है और आगे की किस्तों के साथ बढ़ती है। यह कैलकुलेटर सेवा पेंशन तथा पारिवारिक पेंशन दोनों के लिए अनुमान देता है और कम्युटेशन का असर भी दिखाता है।
मूल पेंशन का संशोधन
संशोधित मूल पेंशन = मौजूदा मूल पेंशन × फिटमेंट फैक्टर। उदाहरण के लिए ₹31,000 की पेंशन 2.28x पर लगभग ₹70,680 हो जाएगी। यदि गुणक 1.92x रहा तो वही पेंशन करीब ₹59,520 बनेगी।
पारिवारिक पेंशन
साधारण पारिवारिक पेंशन अंतिम मूल वेतन के 30% पर तय होती है, और सेवा पेंशन के मुकाबले लगभग 60% बैठती है। इस पर भी वही फिटमेंट फैक्टर और महंगाई राहत लागू होती है।
कम्युटेशन और उसकी वसूली
आप संशोधित मूल पेंशन का अधिकतम 40% भुना सकते हैं। एकमुश्त राशि लगभग भुनाई गई मासिक राशि × 12 × कम्युटेशन गुणक होती है, और यह हिस्सा 15 वर्ष तक मासिक पेंशन से कटता है। इसके बाद पेंशन पूरी तरह बहाल हो जाती है।
अतिरिक्त पेंशन
80 वर्ष की आयु पूरी होने पर मूल पेंशन का 20% अतिरिक्त जुड़ता है, 85 वर्ष पर 30%, 90 वर्ष पर 40%, 95 वर्ष पर 50% और 100 वर्ष पर 100%। यह वृद्धि संशोधित मूल पेंशन पर लागू होती है।